दिनांक 19/06/2026 को ऊषांकर चैरिटेबल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट – बालिका विद्यालय, चित्रकूट कर्वी (उ.प्र.)

दिनांक 19/06/2026 को ऊषांकर चैरिटेबल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट के कैंप कर्वी उत्तर प्रदेश में मासिक बैठक संपन्न होने के उपरांत ट्रस्ट के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दृष्टि नेत्रहीन बालिका विद्यालय, चित्रकूट कर्वी (उ.प्र.) में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में ऊषांकर एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं सदस्यगण सम्मिलित हुए। विद्यालय के संस्थापक एवं समाजसेवी श्री शंकरलाल पहारिया की सहमति प्राप्त होने के पश्चात ट्रस्ट द्वारा विवाह बंधन में बंध रहे सभी आठ नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाओं सहित उपयोगी उपहार सामग्री भेंट की गई।

दृष्टि नेत्रहीन बालिका विद्यालय, चित्रकूट कर्वी में आयोजित इस गरिमामय समारोह में आठ नेत्रहीन कन्याओं का विवाह सामाजिक एवं पारिवारिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर ट्रस्ट की अध्यक्ष सुश्री सविता सोहने सहित ट्रस्ट परिवार के सदस्यों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखद, सफल एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।

ट्रस्ट की ओर से नवविवाहित वधुओं को साड़ी, पेटीकोट, वैनिटी बैग, पायल, बिछिया तथा सोलह श्रृंगार की सामग्री भेंट की गई। उपहार स्वरूप प्रदान की गई सामग्री में सिंदूर, बिंदी, मेहंदी, लिपस्टिक, रूमाल एवं अन्य आवश्यक श्रृंगार सामग्री शामिल रही। साथ ही इन सामग्रियों एवं वस्त्रों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखने के लिए विशेष किट भी प्रदान की गई। ट्रस्ट परिवार का उद्देश्य केवल उपहार प्रदान करना नहीं था, बल्कि नवदंपतियों के जीवन की नई शुरुआत में आत्मीयता, सम्मान और सहयोग का संदेश देना भी था।

उल्लेखनीय है कि उपहार सामग्री के संकलन, पैकिंग एवं किट निर्माण में अजयगढ़ इकाई के ट्रस्ट सदस्यों द्वारा विशेष सहयोग प्रदान किया गया। सभी सदस्यों ने सेवा एवं समर्पण की भावना से इस कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई, जिसके परिणामस्वरूप यह पहल अत्यंत व्यवस्थित एवं सफल रूप से संपन्न हो सकी।

कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट सदस्यों ने नवविवाहित जोड़ों को प्रेम, विश्वास, सहयोग, पारस्परिक सम्मान एवं पारिवारिक मूल्यों के साथ जीवनयापन करने का संदेश दिया। इस अवसर पर ट्रस्ट अध्यक्ष सुश्री सविता सोहने ने उन सभी वरों के प्रति विशेष सम्मान एवं गौरव व्यक्त किया, जिन्होंने नेत्रहीन कन्याओं को अपने जीवनसाथी के रूप में स्वीकार कर समाज के समक्ष संवेदनशीलता, समानता और मानवता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि ऐसे युवक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने बाहरी परिस्थितियों से ऊपर उठकर व्यक्ति के गुणों, भावनाओं और मानवीय मूल्यों को महत्व दिया है। उनके इस निर्णय से न केवल इन कन्याओं के जीवन में नई आशा, आत्मविश्वास और खुशियों का संचार हुआ है, बल्कि समाज को भी सकारात्मक सोच, सामाजिक समरसता और समान अवसरों का सशक्त संदेश प्राप्त हुआ है।

समारोह में उपस्थित लोगों ने ट्रस्ट द्वारा किए गए इस सेवा कार्य की मुक्त कंठ से सराहना की तथा समाज के कमजोर एवं विशेष वर्गों के प्रति ट्रस्ट की संवेदनशीलता एवं सामाजिक प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। कार्यक्रम का वातावरण आत्मीयता, भावुकता, अपनत्व और सामाजिक सद्भाव से ओत-प्रोत रहा।

उल्लेखनीय है कि दृष्टि नेत्रहीन बालिका विद्यालय के संस्थापक एवं समाजसेवी श्री शंकरलाल पहारिया के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में वर्षों से नेत्रहीन एवं दिव्यांग बालिकाओं के उत्थान, शिक्षा, आत्मनिर्भरता एवं सम्मानजनक जीवन के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उनके प्रयासों से अनेक बालिकाओं के जीवन में नई दिशा और नई उम्मीद का संचार हुआ है।

कार्यक्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारी, सदस्यगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संपूर्ण आयोजन सेवा, समर्पण, सहयोग, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा तथा यह संदेश दे गया कि सच्ची संवेदनशीलता और सहयोग की भावना से किसी भी व्यक्ति के जीवन में खुशियों का प्रकाश फैलाया जा सकता है।

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